June 26, 2026

स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ी बैजनाथ पपरोला नगर परिषद, राज्य में 61 वें नगर परिषद बैजनाथ पपरोला

baijnath

मुनीष दीक्षित, बैजनाथ।

सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपए खर्च करने वाली बैजनाथ पपरोला नगर परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण में बुरी तरह से पिछड़ गई है। देश में अभी हाल ही में 2024-25 के स्वच्छता सर्वेक्षण में बैजनाथ पपरोला का राज्य में 61 वां स्थान रहा है। जबकि 2023 में यह नगर निकाय 20वें स्थान पर था और 2022 में बैजनाथ पपरोला को 15000 से 25000 जनसंख्या वाली कैटेगरी में तीसरा स्थान मिला था। लेकिन इस बार यह नगर परिषद बुरी तरह से पिछड़ गई है। यहां सफाई व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर करीब 2 साल से हालत काफी खराब है। डोर टू डोर कलेक्शन में जहां यह इलाका लगातार पिछड़ता जा रहा है। वहीं बाजारों की हालत भी काफी खराब है। यही नहीं यहां नगर परिषद द्वारा लगाए गए शौचालय भी बद से बदतर हालत में पहुंच गए हैं। 2 साल से यहां पर वैज्ञानिक ढंग से कूड़े का निष्पादन ढंग से नहीं हो पाया। जबकि बैजनाथ पपरोला शमशान घाट के पास कूड़े के निष्पादन के लिए कुछ मशीने लगी थी। अभी हाल ही में बुहली कोठी में करीब 48 लाख की लागत से गीले कचरे के निष्पादन के लिए एक मशीन लगाई गई है। लेकिन यह मशीन उद्घाटन के कुछ समय के बाद ही खराब हो गई थी। जिसे अभी ठीक करवाया गया है। ‌बैजनाथ पपरोला में कुल 11वार्ड है। इन वार्डों में सफाई कार्य के लिए हर महिने 10 लाख रुपए खर्च किया जाता है तथा 50 के करीब सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

2022 में हासिल किया था तीसरा स्थान

2022 में जब बैजनाथ पपरोला नगर पंचायत था। उस समय तत्कालीन सचिव‌ प्रदीप दीक्षित ने कूड़ा निष्पादन के क्षेत्र में बेहतरीन काम करवाया। ‌जो नगर पंचायत वर्ष 2019 में 44वें, 2020 में 48वें तथा 2021 में 5वें रैंक पर थी, वह 2022 में तीसरे स्थान पर आ गई। उस समय गीले और सूखे कचरे पर काफी अच्छा काम हुआ।

स्वच्छता पर नहीं कोई ध्यान

बैजनाथ पपरोला में स्वच्छता पर हर महीने लाखों रुपए खर्च होते हैं। डोर टू डोर कलेक्शन पर अभी यहां काम होना बाकी है। इसके अलावा स्वच्छता मित्र सभी वार्डों में तैनात की गई है। जो हर घर से 50 रूपये प्रति महीने शुल्क लेती हैं। ‌बताया जा रहा है कि 2022 के यहां सार्वजनिक शौचालय और सफाई व्यवस्था पर ढंग से काम ही नहीं हो पाया। इस पर न तो पार्षदों ने अधिकारियों से सवाल किए और न ही जनता ने कभी पार्षदों से जवाब मांगा।

कहां गायब हो गया कूड़े का पहाड़
बैजनाथ पपरोला नगर परिषद का सारा कूड़ा कचरा कुछ साल पहले तक खीर गंगा घाट के पास फेंका जाता था। लेकिन कुछ साल पहले यहां कचरे का बड़ा ढेर अचानक गायब हो गया। लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद के अधिकारी बताएं कि वह कूड़े कचरे का निष्पादन रातों-रात कहां कर दिया गया था।

पहले बैजनाथ पपरोला नगर परिषद की क्या स्थिति रही थी। मौजूदा समय में क्या रैंक आया है इस बारे में डाटा देख रहा हूं। मैंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। यहां सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में काम होगा। – चमन कपूर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद बैजनाथ पपरोला।

बैजनाथ पपरोला में स्वच्छता को लेकर मैं लगातार आवाजबुलंद की। ‌जो बैठकर हुई उसमें संबंधित अधिकारियों के सामने बातें रखी। ‌कुछ स्थानों पर मैंने हस्ताक्षर तक नहीं किए। लेकिन उस समय मौजूद अधिकारियों ने इस संबंध में कभी उनकी बात नहीं सुनी। ‌यही कारण है कि आज स्वच्छता में हम बुरी तरह से पिछड़ गए हैं। नए कार्यकारी अधिकारी के समक्ष सभी बातें रखी जाएगी ताकि शहर को और बेहतर बनाया जा सके। – राजन चौधरी, उपाध्यक्ष नगर परिषद बैजनाथ पपरोला।‌