June 26, 2026

परौर से पधर अभी कुछ नहीं, कंसल्टेंट का ही इंतजार

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मुनीष दीक्षित बैजनाथ। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण पठानकोट मंडी नेशनल हाईवे में परौर से लेकर पधर तक के हिस्से को फोरलेन बनाने का कार्य अभी शुरू नहीं होगा। काफी समय से इस हिस्से को बनाने और यहां से किस-किस जगह से यह फोर लाइन जाएगा उन जगहों को लेकर लोग खुद से ही चर्चा किए जा रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि 2022 के बाद से लेकर अब तक इस हिस्से को बनाने के लिए कंसल्टेंट की ही नियुक्ति नहीं हो पाई है। ‌परौर से पधर तक काम इसलिए रुका हुआ है क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए अभी तक किसी सलाहकार की नियुक्ति नहीं की है। यह परियोजना 2022 से रुकी हुई है कई बार निविदाएं जारी होने के बावजूद कोई भी कंसलटेंट अभी आगे नहीं आया है।

परौर और पधर (मंडी) के बीच पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब 74 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण पिछले चार वर्षों से अधर में लटका हुआ है। पठानकोट से लेकर परौर और पधर से लेकर मंडी तक इस हाइवे में फोरलेन बनाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। जबकि इस मार्ग के परौर से पधर तक के हिस्से को सबसे अधिक संकरा माना जाता है। यहां कुछ जगह पर तो सिंगल लेन है और इस हिस्से के बीच आने वाले पपरोला, बैजनाथ, जोगिंदरनगर, गुम्मा आदि में मार्ग काफी छोटा होने के कारण घंटों ट्रैफिक जाम रहता है।

पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग मनाली से होकर पठानकोट को लेह और लद्दाख से जोड़ता है। यह देश की रणनीतिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है। बताया जा रहा है कि कंसल्टेंट को लेकर एनएचएआई द्वारा पूर्व में आमंत्रित बोलियां अस्वीकार कर दी गई थीं, क्योंकि केवल एक ही भागीदार था। जब तक कंसल्टेंट की नियुक्ति ही नहीं होती है तब तक डीपीआर ही तैयार नहीं होगी। बताया जा रहा है कि पहले पालमपुर और मंडी के बीच टू-लेन राजमार्ग के निर्माण का प्रस्ताव था। एनएचएआई ने तदनुसार एक सलाहकार नियुक्त किया, जिसने 2021 में टू-लेन राजमार्ग के लिए एक परियोजना रिपोर्ट तैयार की। एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। लेकिन उसके बाद यह योजना फोरलेन में तब्दील हो गई थी। इसके बाद अभी तक यह हिस्सा कंसल्टेंट के इंतजार में है। जबकि इस हिस्से में अब अवैध कब्जे भी बढ़ने लगे हैं। इससे मार्ग भी और संकरा हो रहा है।

लोग लगाए जा रहे कयास, लेकिन अभी कुछ नहीं

परौर से पधर तक के हिस्से में सड़क कहां से बनेगी। इसको लेकर काफी समय से चर्चा है। पहले चर्चा थी कि यह फोरलेन परौर से मारंडा, पंचरुखी, मझैरना, शीतला चौक और ऐहजू होकर निकलेगा और अब चर्चा है कि यह मार्ग पालमपुर और बैजनाथ के ऊपरी इलाकों से होकर जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि अभी ना डीपीआर बनी है और ना ही ऐसी कोई योजना तैयार हुई है। ‌

परौर से पधर तक के हिस्से के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है जल्द कंसल्टेंट की नियुक्ति होगी और डीपीआर तैयार होगी। इस हिस्से में जहां से भी अवैध कब्जों कि शिकायत आती है वहां पर कार्रवाई की जाती है। ‌- विकास सुरजेवाला, परियोजना अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पालमपुर।